
Uber Facial Recognition: उबर ड्राइवर्स को इन दिनों कंपनी के ऐप में फेसियल रिकग्निशन में कुछ समस्या आ रही है. इस वजह से ड्राइवर्स के काम पर असर पड़ रहा है. MIT की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कई ड्राइवर्स को सेल्फी अपलोड करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है और इस वजह से उनका अकाउंट ल ॉक हो गया है. कुछ लोगों का मानना है कि उनके हुलिए में बदलाव, जैसे कि चेहरे के बाल, सिर मुड़वाना या बाल कटवाने के चलते ऐप में यह दिक्कत आ रही है. कुछ लोगों का मानना है कि कम लाइट के चलते उन्हें यह समस्या हुई है. इसको लेकर देश के 150 उबर ड्राइवरों पर एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू ने सर्वे किया था. इसी आधार पर नतीजे निकाले गए हैं.
वेरिफिकेशन के लिए जरूरी है सेल्फी
भारत में लगभग 600,000 उबर ड्राइवर हैं, लेकिन ये कई अन्य घरेलू राइड-शेयरिंग प्लेटफॉर्म ओला और स्विगी, ज़ोमैटो और अर्बन कंपनी जैसे स्टार्टअप के लिए काम करते हैं. सभी प्लेटफॉर्म लॉगिन और वेरिफिकेशन के लिए सेल्फी अपलोड करने के लिए कहते हैं.
‘रियल टाइन आईडी चेक’
Uber ‘रीयल-टाइम आईडी चेक’ (Real-Time ID Check) नाम के एक प्रोग्राम के ज़रिए यह चेक करता है कि ड्राइवर का चेहरा कंपनी के फ़ाइल में मौजूद चेहरे से मेल खाता है या नहीं. इसे 2016 में अमेरिका में, 2017 में भारत में और फिर अन्य बाजारों में रोल आउट किया गया था. यह धोखाधड़ी को रोकता है और ड्राइवरों के खातों को सुरक्षित रखता है.
मुंबई में एक उबर ड्राइवर अदनान टाकी उस समय मुश्किल में पड़ गया जब एक शाम उन्होंने वेरिफिकेशन के लिए सेल्फी ली. उन्हें 48 घंटों के लिए बंद कर दिया गया था, वे कहते हैं कि वे 18 घंटे ड्राइव करते हैं. सेल्फी लेने के बाद उनका अकाउंट लॉक हो गया. वो भी पूरे एक हफ्ते के लिए. तकी का कहना है कि शायद बढ़ी हुई दाढ़ी की वजह से ऐसा हुआ है.